भाई दूज का पावन पर्व मैं मनाऊं,
स्नेह भरी अभिव्यक्ति देकर,
तेरी खुशहाली के मंगल गीत मैं गाऊ,
आ भैया तुझे तिलक लगाऊं...!!
कितना पावन दिन यह आया,
जिसने भाई बहन को फिर से मिलाया,
मन मैं बहती स्नेह की गंगा,
खुशी के अश्रु को मैं कैसे छुपाऊं,
आ भैया तुझे तिलक लगाऊ...!!
खुशकिस्मत है मुझ जैसी बहना,
जिसे दिया है ईश्वर ने भाई सा गहना,
तुझे टीका लगाऊ, मुंह मीठा करवाऊ,
तेरी लम्बी उम्र की शुभकामना कर, तुझ पे वारी मैं जाऊं,
आ भैया तुझे तिलक लगाऊं...!!
आरती की मैं थाली सजाऊं,
रोली और अक्षत से अपने भाई को तिलक लगाऊं,
कभी न तुझ पे आए संकट,
तेरे उज्ज्वल भविष्य के कामना गीत मैं गाऊ,
आ भैया तुझे तिलक लगाऊं...!!
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