HOT!Subscribe To Get Latest VideoClick Here

मैं मजदूर हूँ कविता | Main Mazdoor Hoon Kavita | श्रमिक दिवस पर कविता | Labour Day Poem In Hindi

Main Mazdoor Hoon kavita, Main Mazdoor Hoon Hindi kavita, मैं मजदूर हूँ,मैं मजदूर हूँ कविता,मैं मजदूर हूँ हिंदी कविता,मजदूर दिवस पर कविता, श्रमिक दिवस पर कविता, Mazdoor Diwas Par Kavita, Poem on Labour Day Hindi,  मजदूर पर कुछ कविताएँ,  मज़दूर दिवस पर कविता,  मजदूर दिवस पर शायरी, श्रमिक दिवस पर शायरी, मजदूर दिवस पर स्लोगन, labour day quotes in hindi




मैं मजदूर हूँ
किस्मत से मजबूर हूँ |

सपनों के आसमान में जीता हूँ,
उम्मीदों के आंगन को सिंचता हूँ |
दो वक्त की रोटी खानें के लिए,
अपने स्वाभिमान को नहीं बेचता हूँ |

तन को ढंकने के लिए
फटा पुराना लिबास है |
कंधों पर जिम्मेदारी है,
जिसका मुझे एहसास है |

खुला आकाश है छत मेरा
बिछौना मेरी धरती है |
घास फूस के झोपड़ी में
सिमटी अपनी हस्ती है |

गुजर रहा जीवन अभावों में,
जो दिख रहा प्रत्यक्ष है |
आत्मसंतोष ही मेरे
जीवन का लक्ष्य है |

गरीबी और लाचारी से जूझ,
जूझ कर हँसना भूल चुका हूँ |

अनगिनत तनावों से लदा हुआ,
आँसू पीकर मजबूत बना हूँ |

x..........................................................................................x.......................................................................................................................x

#Tags: Main Mazdoor Hoon kavita, Main Mazdoor Hoon Hindi kavita, मैं मजदूर हूँ,मैं मजदूर हूँ कविता,मैं मजदूर हूँ हिंदी कविता,मजदूर दिवस पर कविता, श्रमिक दिवस पर कविता, Mazdoor Diwas Par Kavita, Poem on Labour Day Hindi, मजदूर पर कुछ कविताएँ, मज़दूर दिवस पर कविता, मजदूर दिवस पर शायरी, श्रमिक दिवस पर शायरी, मजदूर दिवस पर स्लोगन, labour day quotes in hindi

Post a Comment

0 Comments