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गौतम बुद्ध पर कविता | बुद्ध पूर्णिमा पर कविता | Gautam Buddha Kavita | Buddha Purnima Kavita

बुद्ध पूर्णिमा पर कविता




563 ईसा पूर्व नेपाल के लुंबिनी में गौतम बुद्ध का जन्म हुआ
कपिलवस्तु के राजा शुद्धोधन के घर बालक सिद्धार्थ पैदा हुआ

इनकी माता महामाया जन्म के 7 दिन बाद स्वर्ग सिधार गई
मौसी गौतमी ने इनको पाला लालन-पालन की जिम्मेदारी ली

इनका मन बचपन से ही दया और करुणा का स्रोत था
खेल में जानबूझकर हारते दुखी ना किसी को करना था

16 वर्ष की आयु में राजकुमारी यशोधरा से विवाह हुआ
पुत्र राहुल के पिता बने संसार से मन विरक्त हुआँ

मात्र 29 वर्ष की आयु में महलों के सुख को त्याग दिया
दिव्य ज्ञान की खोज में इन्होंने संन्यास धारण किया

बोधगया में निरंजना नदी के तट पर घोर तपस्या की
35 वर्ष की आयु में दिव्य ज्ञान की प्राप्ति की

सर्वप्रथम सारनाथ में गौतम बुद्ध ने दिया उपदेश
सत्य अहिंसा शांति है बौद्ध धर्म के गुण विशेष

जिस वृक्ष के नीचे ज्ञान मिला वह बोधि वृक्ष कहलाया
पूरी दुनिया में गौतम बुद्ध ने बौद्ध धर्म का ध्वज फहराया

संसार के हर देश में है बौद्ध धर्म के अनुयायी
सत्य अहिंसा शांति की गौतम बुद्ध ने विश्व को रीत सिखाई


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